सहज रूप बंधन में प्रकट नहीं होता
|| "किसी ने कहा है" ||
जितना कम सामान रहेगा ,
उतना सफ़र आसान रहेगा |
जितनी भारी गठरी होगी,
उतना तू हैरान रहेगा |
उससे मिलाना नामुमकिन है,
जब तक ख़ुद का ध्यान रहेगा |
हाथ मिलें और दिल न मिलें,
ऐसे में नुकसान रहेगा |
जब तक मंदिर और मस्जिद हैं,
मुश्किल में इंसान रहेगा |
सहज भाव बंधन के अधीन क्यो ?
बंधन जितने कम होगें, भावों की अभिव्यक्ति उतनी
सहज होगी |
जीना सीखने के लिए बंधन नहीं, सहज स्वभाव
तल्लीनता का
होना जरूरी है |
एक ऐसा माहौल मिले, जिसमें रहना, हमारी मजबूरी
नहीं बल्कि ख़ुशी हो |
बंधन मर्यादा नहीं हैं |
सहज स्वभाव अपनी जीवंतता की कहानी आप
कहता है, उसके लिए किसी नियम की आवश्यकता
नहीं है |
आत्मविश्वाश मजबूर जीवन जीने वाले में नहीं हो
सकता है |
जहां जीवन में संतुलन और समझ मुश्किल है, वहां
नियम का होना
सीखने की गति को प्रभावित करता
हैं |
हैं |
जीवन में नित नया प्रयोग करना, अपने वातावरण
को नये ढंग से
समझने का प्रयास करना हमारे अंदर
कुछ और होने का हौसला पैदा करता है |
ऐसी स्थिति में जिज्ञासाएं अपने चरम पर होती हैं
और जबर्दस्ती के प्रश्नों का यहां कोई काम नहीं,
प्रश्न सहज भाव से स्वत: उठते हैं |
किसी व्यक्ति के पैर बांध दे, तो चलने की गति कैसी
होगी?
किसी पंछी के पंजे बंधे हो, तो उसकी उड़ान कैसी
होगी?
धर्म-जाती से बंधे हुए इंसान की सोच कैसी होगी ?
क्या यह सहजता की अभिव्यक्ति हैं ?
अव्यक्त को इस तरह व्यक्त करना क्या सम्भव हैं?
restriction -सीमा, बंधन, संयम, यंत्रण
rules-नियम, नियमावली |
provision-प्रावधान, नियम, भोजन, धारा, विधान, रसद |
spontaneous- सहज, स्वतःस्फूर्त, स्वतःप्रवर्तित,
स्वतःप्रसूत, नैसर्गिक |
Natural- सहज, कुदरती |
Intrinsic- स्वाभाविक, वास्तविक, तात्त्विक |


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