किसी काम को करना या ना करना सुख - दुःख का कारण नहीं


     


       || करूं या ना करूं, अनिर्णय की स्थिति क्यों? ||  

किसी काम के प्रति ये सोचना की इस काम को करूंगा

तो सुखी रहूंगा और नहीं करूंगा तो दुखी रहूंगा, ये सोच

ही उलझन की स्थिति है, इस प्रकार की सोच से बाहर

निकलना होगा | ये अनिर्णय की स्थिति बनती ही उस

समय है, जब हम लाइफ को समझ नहीं पाते हैं |

एक  वह स्थिति है, जब हम बिना सीखे गाड़ी चलातें हैं,

दूसरी स्थिति में हम सीखने के बाद गाड़ी चलातें हैं, 

जब हम बिना समझे गाड़ी चलातें हैं और हमें पता हैं की

हमारी गाड़ी हर तरफ से क्षतिग्रस्त हो रही हैं,

पर ये नहीं पता की कल्च आदि का प्रयोग कैसे?

किस समय? कितना होगा ? तो ये सब तो होना ही हैं | 

इसलिए पहले गाड़ी के पार्ट को समझना और उस के बाद 

जिस पार्ट का उपयोग, जिस काम के लिए बना है, उस काम

के लिए उसका उचित समय पर प्रयोग करना ही गाड़ी की

सुरक्षा हैं, अन्यथा गाड़ी को आउट ऑफ़ कंट्रोल होने से हम

खुद भी नहीं रोक सकते हैं, सही दिशा में हम गति

करे इसके लिए हमें खुद को अर्थात अपने जीवन को 

समझना होगा, उसके अर्थ को जानना होगा, जीवन की

समझ ही हमारे जीवन को सही दिशा प्रदान करती हैं, अगर

हम ऐसा नहीं करेंगे तो हमारें जीवन की गाड़ी का कंट्रोल

किसी और के हाथ में रहेगा, हम पीछे बैठे बैठे उससे 

शिकायत करते रहेगे, जबकि जरूरी नहीं की उसे परिपूर्ण

रूप से गाड़ी चलाना आती हो, क्या पता? उसे इसकी ए बी

सी भी न मालूम हो और हम समझना नहीं चाहते,

सोचो जिस गाड़ी में कोई ब्रेक नहीं, उसको चलाना वो भी

बिना समझे कितना कठिन होगा?

इस जीवन की गाड़ी में भी कोई ब्रेक नहीं, इसलिए यह

चलती रहती हैं, चलाने वाला कोई भी हो, सतर्कता जरूरी है,

नजर हटी तो दुर्घटना घटी, फिर अफ़सोस करने से क्या 

फायदा? जब हम न तो दूसरों पर विश्वाश करते हैं, न खुद

को विश्वाश के काबिल समझते हैं, ऐसी स्थिति हम 

किसी को चुपचाप गाड़ी चलाने भी नहीं देते हैं और न नहीं 

खुद चलाना सीखते हैं, 

केवल शिकायते करते रहते हैं, तो जो थोड़ी

बहुत चलाता है या चलाना जानता है, वह भी उस गाड़ी को

चलाना छोड़कर, पीछे वाली सिट पर बैठ जाए और हम से

कहे की अब आप ही इसे चलाये, तो जीवन की गाड़ी का

क्या हाल होगा, ये तो सब जानते हैं, जिनको जीवन की

चाह और समझ हैं, उनसे यह बात छिपी नहीं है|

अत: ये समस्याएं जो जीवन में हमें नजर आती हैं, उसी

तरह हैं, जिस प्रकार किसी काम को हम पहली बार करते 

हैं, तो कई समस्याओं का सामना हमें करना पड़ता हैं, फिर

भी हम उन समस्याओं से निपटते हुए, उस कार्य को कर

लेते हैं| सीखे हुए काम को फिर करने में कोई दिक्कत  

कभी नहीं आती, ऐसी बात नहीं हैं, समस्या तो फिर भी 

आती हैं,लेकिन अब हमारे लिए, यह अभ्यास की निरन्तरता 

के कारण सहज और सरल हो जाता हैं, हम आसानी से हर

समस्या का हल निकाल लेते हैं और ऐसा लगता हैं, जैसे

कोई समस्या ही नहीं हैं, इस काम को करने में |

इस तरह जीवन में काम काज और रिश्ते हैं अगर हम उनमें

समझ रखेगें, तो सब सहज और सरल होगा, ये जीवन एक

खेल है और खेल को नियमानुसार खेला जाये तो जीत भी

मायने रखती है और हार भी मायने रखती है, नियम के 

विरुद्ध दोनों ही बेकार हैं | अत: जीत के लिए प्रयास जारी 

रखना और हार से हतास या निराश न होकर, हार के

कारणों को समझाना जरूरी हैं, इसके साथ ही हमें खेल को

पूरी सकारात्मकता के साथ खेलना होगा, जितना अच्छा

हम कर सकते हैं, उतना अच्छा तो हमें करना होगा, तभी

सफलता मिलेगी अर्थात हमें जीवन की सम्भावना को

तलाशना हैं, उसके लिए तत्पर रहना है, न की जीवन को

यू ही रोकर, लड़कर समाप्त करना हैं| जितना सम्भव हो

सके, उतना शरीर और मन, मस्तिष्क का उचित प्रयोग

करना, इनकी स्म्भानाओं को समझना की इनका प्रयोग

किस हद तक सम्भव हैं, उस हद तक हमारी पुहंच हो तो,

जीवन आनन्द से परिपूर्ण है | 



                 ॐ परमात्मा 







purpose  शब्द के विभिन्न अर्थ
प्रयोजन -purpose, end, intention, reason, motive, aim
आशय -intention, purpose, tenor, project, subject matter
मतलब -meaning, motive, aim, denotation, purpose, concern
उद्देश्य-purpose, objective, aim, objectives, goal, final cause
क्रिया रूप में purpose शब्द के विभिन्न अर्थ
इरादा करना-intend, intend for, have the intention, purpose, design, deem

Proposal शव्द के विभिन्न अर्थ -
Suggestion- सुझाव, प्रस्ताव, संकेत, सम्मोहन, व्यंजक
Proposal- प्रस्ताव, सुझाव, विवाह का वचन, विवाह-प्रस्ताव
Offer- प्रस्ताव, चेष्टा, सुझाव, तजवीज़, प्रयास, कोशिश
Offering- प्रस्ताव, तजवीज़, सुझाव
Denotation- संकेत, निशान, अर्थ, सुझाव, हिदायत, नाम
Tender- निविदा, टेंडर, प्रस्ताव, सुझाव, तजवीज़, पट्टा की मांग
Denotement- चिह्न, संकेत, निशान, दाग़, अर्थ, सुझाव
pointing
directive दिशा शब्द के विभिन्न अर्थ
directive- संकेत, इशारा, सुझाव आदेश, हिदायत, सरकुलर, सु

direction- दिशा, ओर, तरफ़, धारा, नेतृत्व, झुकाव
side- पक्ष, पहलू, दिशा, तरफ़, पास, सतह
flank- दिशा, ओर, पक्ष, पहलू
quarter- चौथाई, दिशा, मंडल, चतुर्थ भाग, प्रदेश, अट्ठाईस पाउंड का वजन
disha- दिशा
lines- दिशा


जीवन और प्रयोजन?
जीवन और प्रयास?
 जीवन और सुझाव?

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